"जीवन बचाओ मुहिम"

हत्यारा और मांसाहार नहीं बल्कि जीवों की रक्षा करने वाला बनो।


शनिवार, नवंबर 29, 2025

नारायणपुर पुलिस ने ओरछा-आदेर के रास्ते बेदरे (जिला बीजापुर) के बार्डर “लंका” तक बनाई सड़क कनेक्टिविटी; शीघ्र ही मोबाईल टावर और सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होंगे 30 से अधिक गाँव के हजारों लोग


नारायणपुर पुलिस ने ओरछा-आदेर के रास्ते बेदरे (जिला बीजापुर) के बार्डर “लंका” तक बनाई सड़क कनेक्टिविटी; शीघ्र ही मोबाईल टावर और सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होंगे 30 से अधिक गाँव के हजारों लोग

🔹माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत ग्राम लंका में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप।
🔹बेदरे (जिला बीजापुर) की सीमा और इंद्रावती नदी के किनारे स्थित है लंका।
🔹नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी 44वीं बटालियन ने खोला लंका में जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प।

🟪 वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित करते हुए सड़क पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांव तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

🟪 इसी कड़ी में थाना ओरछा के ग्राम लंका क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं ओरछा-आदेर-लंका एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्यो में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से आज दिनांक 28-11-2025 को नारायणपुर पुलिस ने घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के आश्रय स्थल ग्राम लंका में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम लंका में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। नवीन कैम्प लंका थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है तथा जिला मुख्यालय नारायणपुर से 120 किलोमीटर थाना ओरछा से 47किलोमीटर, आदेर से 36किलोमीटर, कुड़मेल से 21किलोमीटर, जाटलूर से 20किलोमीटेर, डोडीमरका से 12किलोमीटर और पदमेटा से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

🟪 लंका में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास क्षेत्र अंगमेटा कुमरमेटा, कवंडे, पुसलंका, बुरी, जपमरका और लंका में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।

🟪 नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित नक्सलियों के आश्रयस्थल कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा और लंका में कैम्प खोली है।

🟪 श्री पी. सुन्दराज पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री अमित कांबले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर, श्री रोबिनसन गुरिया पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, आईटीबीपी 44वी वाहिनी कमांडेंट श्री मुकेश कुमार दसमाना, आईटीबीपी 44वी वाहिनी टू-आईसी श्री पीपी सिद्दकी, सेनानी श्री संदीप पटेल (16वी बटालियन सी.ए.एफ), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय सबद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार नायक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय महादेवा, उप पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक केसरी, उप पुलिस अधीक्षक श्री मनोज मंडावी, उप पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश कंवर, उप पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप बंजारे और उप पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार सिंह के नेतृत्व एवं निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 27वी वाहिनी, 38वी वाहिनी, 40वी वाहिनी और 44वी वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

शुक्रवार, नवंबर 28, 2025

प्रधान आरक्षक श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी के नवीन दर्शन पर आधारित ग्रंथ "मानव अधिकार के अनछुए पहलू' का 10 दिसंबर 2025 को होगा विमोचन; ऑनलाईन माध्यम से मुफ़्त पढ़ सकेंगे किताब


प्रधान आरक्षक श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी के नवीन दर्शन पर आधारित ग्रंथ "मानव अधिकार के अनछुए पहलू' का 10 दिसंबर 2025 को होगा विमोचन; ऑनलाईन माध्यम से मुफ़्त पढ़ सकेंगे किताब

हुलेश्वर प्रसाद जोशी के नवीन दर्शन पर आधारित ग्रंथ "मानव अधिकार के अनछुए पहलू' (Untouched Aspects of Human Rights) का 10 दिसंबर 2025 को विमोचन होगा। इस किताब की सबसे खास बात ये है कि इसे कोई भी व्यक्ति https://www.thebharat.co.in/ को लॉगऑन करके ऑनलाईन माध्यम से मुफ़्त पढ़ सकेंगे और डाउनलोड करके शेयर भी कर सकेंगे, आवश्यकतानुसार स्टूडेंट्स और शोधार्थी इसे प्रिंट करके भी रख सकेंगे तथा मुद्रक इसके मौलिकता में बदलाव किए बिना इसे मुद्रित करके विक्रय भी कर सकेंगे। विदित हो कि इस ग्रंथ में वैश्विक सोसाइटी के द्वारा मानव अधिकारों को सुदृढ़ करने के लिए जारी की गई लगभग सभी कानून, प्रसंविदाओं और घोषणाओं के अलावा भारत का संविधान और नवीन आपराधिक कानूनों तथा नवीन और पुराने आपराधिक कानून तुलनात्मक चार्ट संकलित की गई है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि यह ग्रंथ लेखक श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी की द्वितीय कृति है। उनकी पहली कृति काव्य संग्रह "लिख दूँ क्या ?" 01 जनवरी 2024 को thebharat.co.in में ऑनलाईन पब्लिश है।

क्या है नवीन दर्शन >>> “मानव अधिकार के नाम से बनाए गए कानून, प्रसंविदाओं और घोषणाओं के अलावा देश के संविधान सहित हिंसा और अपराध पर नियंत्रण के लिए बनाए गए समस्त ‘आपराधिक कानून’ और नक्सलवाद तथा आतंकवाद विरोधी कानून/नियम भी आम नागरिक के लिए मानव अधिकार ही है।”

ग्रंथ "मानव अधिकार के अनछुए पहलू' के बारे में >>>
“मानव अधिकार के अनछुए पहलू” मूलतः मानव अधिकार और संवैधानिक अधिकारों की एक संकलित ग्रंथ है। जो कि पाठकों में मानव अधिकार एवं संवैधानिक अधिकारों की समझ और सम्मान की भावना को विकसित करते हुए विश्व में आपसी प्रेम, भाईचारा, शांति, सौहार्द और न्याय की स्थापना करना लेखक का एकलौता और सर्वोच्चतम उद्देश्य है।

ऐसे लोग जो मानव अधिकारों की समुचित और भरपूर उपयोग के बिना गरिमामय जीवन जीना तो दूर स्वच्छ हवा, पानी, भोजन, चिकित्सा, शिक्षा और आवास के अधिकार से वंचित होकर मरने के लिए विवश हो जाएंगे वो भी मानव अधिकारों को सर्वथा गलत प्रमाणित करने की मूर्खता करते हैं; ऐसे लोगों में भी मानव अधिकारों की सही समझ विकसित करना लेखक का मूल उद्देश्य है।

मानव अधिकार, ये शब्द हम अक्सर सुनते हैं। लेकिन क्या हम इनके बारे में सब कुछ जानते हैं? शायद नहीं। मानव अधिकारों के कई पहलू ऐसे हैं जिनके बारे में हम कम ही बात करते हैं। ये अनछुए पहलू हमारे समाज और व्यक्तिगत जीवन दोनों को प्रभावित करते हैं। आज हम सब डिजिटल दुनिया में जी रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि डिजिटल दुनिया में भी हमारे मानव अधिकारों का हनन हो सकता है? जैसे कि गोपनीयता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और ऑनलाइन उत्पीड़न। स्वच्छ हवा, पानी और भोजन पाने का अधिकार हमारा मूल अधिकार है। समाज में दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक लोगों के मानव अधिकारों का हनन अक्सर होता है उन्हें भेदभाव, उत्पीड़न और असमानता का सामना करना पड़ता है; जिसे रोकना हमारी साझेदारी का कर्तव्य है।

इस ग्रंथ के माध्यम से राष्ट्र में जनसंख्या के आनुपातिक आधार पर सामाजिक प्रतिनिधित्व के अधिकार की वकालत करते हुए मनुष्य के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक अधिकारों तथा बालकों के अधिकारों सहित मनुष्य के समस्त प्रकार के मानव अधिकारों का उल्लेख करने का प्रयास किया गया है।

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गुरुवार, नवंबर 27, 2025

आंतरिक पेज की प्रमुख जानकारियाँ - मानव अधिकार के अनछुए पहलू



आंतरिक पेज की प्रमुख जानकारियाँ -
मानव अधिकार के अनछुए पहलू


प्रकाशक एवं मुद्रक :
श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी
WWW.THEBHARAT.CO.IN
हाउज़िंग बोर्ड कॉलोनी, बोरियाकला-रायपुर
Email : E.VHJOSHI@GMAIL.COM

संस्करण
प्रथम, नवंबर 2024

@ सर्वाधिकार सुरक्षित
कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था/प्रकाशक इस किताब के किसी भी अंश को किताब के नाम, लेखक एवं पेज क्रमांक इत्यादि का उल्लेख करके प्रकाशित अथवा मुद्रित कर सकता है। किताब में किसी भी प्रकार की छेड़खानी अथवा सुधार किये बिना अर्थात मूल रूप में प्रिन्ट करने के लिए प्रकाशक/लेखक की लिखित अनुमति की आवश्यकता नहीं है, चाहे क्यों न वह विक्रय हेतु प्रिन्ट किया गया हो।

@ किताब के बारे में विशेष
ग्रंथ (मानव अधिकार के अनछुए पहलू) में दी गई तथ्य लेखक के मौलिक विचार और दर्शन पर आधारित है। इसके साथ ही इस ग्रंथ में भारत का संविधान, भारतीय नियम और कानून, सरकारी वेबसाईट और अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाओं के मूल दस्तावेजों तथा ए.आई. ओपन सोर्स के प्रयोग से संकलित की गई महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

मूल्य
सॉफट कॉपी – निःशुल्क
हार्ड कॉपी – 500 /- पाँच सौ रुपये मात्र

ISBN : 978-93-341-0033-4
₹500.00


प्रकाशक की कलम से “मानव अधिकार के अनछुए पहलू”


प्रकाशक की कलम से 
“मानव अधिकार के अनछुए पहलू”

“मानव अधिकार के अनछुए पहलू” मूलतः मानव अधिकार और संवैधानिक अधिकारों की एक संकलित ग्रंथ है। जो कि पाठकों में मानव अधिकार एवं संवैधानिक अधिकारों की समझ और सम्मान की भावना को विकसित करते हुए विश्व में आपसी प्रेम, भाईचारा, शांति, सौहार्द और न्याय की स्थापना करना लेखक का एकलौता और सर्वोच्चतम उद्देश्य है।

ऐसे लोग जो मानव अधिकारों की समुचित और भरपूर उपयोग के बिना गरिमामय जीवन जीना तो दूर स्वच्छ हवा, पानी, भोजन, चिकित्सा, शिक्षा और आवास के अधिकार से वंचित होकर मरने के लिए विवश हो जाएंगे वो भी मानव अधिकारों को सर्वथा गलत प्रमाणित करने की मूर्खता करते हैं; ऐसे लोगों में भी मानव अधिकारों की सही समझ विकसित करना लेखक का मूल उद्देश्य है।

मानव अधिकार, ये शब्द हम अक्सर सुनते हैं। लेकिन क्या हम इनके बारे में सब कुछ जानते हैं? शायद नहीं। मानव अधिकारों के कई पहलू ऐसे हैं जिनके बारे में हम कम ही बात करते हैं। ये अनछुए पहलू हमारे समाज और व्यक्तिगत जीवन दोनों को प्रभावित करते हैं। आज हम सब डिजिटल दुनिया में जी रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि डिजिटल दुनिया में भी हमारे मानव अधिकारों का हनन हो सकता है? जैसे कि गोपनीयता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और ऑनलाइन उत्पीड़न। स्वच्छ हवा, पानी और भोजन पाने का अधिकार हमारा मूल अधिकार है। समाज में दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक लोगों के मानव अधिकारों का हनन अक्सर होता है उन्हें भेदभाव, उत्पीड़न और असमानता का सामना करना पड़ता है; जिसे रोकना हमारी साझेदारी का कर्तव्य है।

इस ग्रंथ के माध्यम से राष्ट्र में जनसंख्या के आनुपातिक आधार पर सामाजिक प्रतिनिधित्व के अधिकार की वकालत करते हुए मनुष्य के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक अधिकारों तथा बालकों के अधिकारों सहित मनुष्य के समस्त प्रकार के मानव अधिकारों का उल्लेख करने का प्रयास किया गया है।

(श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी)

जीवन परिचय : हुलेश्वर प्रसाद जोशी


जीवन परिचय : हुलेश्वर प्रसाद जोशी

श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी का जन्म 09/09/1984 को कबीरधाम (छत्तीसगढ़) जिला के बरेजहापारा नामक गाँव में हुआ है। आप श्री शैलकुमार जोशी और श्रीमती मोतिम जोशी के संतान हैं। आपकी प्राथमिक शिक्षा आपके गृहग्राम मनकी में हुआ, आपने गुरूघासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर से बैचलर ऑफ़ आर्ट्स, मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर से एजुकेशन में मास्टर ऑफ़ आर्ट्स और पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन कम्प्यूटर एप्लीकेशन तथा बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर से ईकोनॉमिक्स में मास्टर ऑफ़ आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की है। इसके साथ ही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से “मानव अधिकार में प्रमाणपत्र” उत्तीर्ण किया है। आप मानव अधिकारों के जानकार हैं तथा आम नागरिकों को उनके मानव अधिकारों से जागरूक करने तथा उनके गरिमामय जीवन के लिए उन्हें प्रेरित करने का कार्य करते हैं।

आपकी पहली प्रकाशित काव्य संग्रह “लिख दूँ क्या?” है; तथा नवीन दर्शन पर आधारित ग्रंथ अँगूठाछाप लेखक - ‘‘अबोध विचारक के बईसुरहा दर्शन’’, व्यंग्य उपन्यास “किरायानामा” और गुरु घासीदास बाबा के जीवन दर्शन पर आधारित “श्रीमद् गुरुघासीदास अमृतसंदेशः” शीघ्र ही प्रकाशित होने वाली है।

मंगलवार, नवंबर 25, 2025

नारायणपुर पुलिस की उपलब्धि; 89 लाख रुपये के ईनामी 19 महिला माओवादी सहित कुल 28 माओवादी कैडर ने हिंसा त्यागकर किया आत्मसमर्पण

नारायणपुर पुलिस की उपलब्धि; 89 लाख रुपये के ईनामी 19 महिला माओवादी सहित कुल 28 माओवादी कैडर ने हिंसा त्यागकर किया आत्मसमर्पण 

🔰 “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत आज जिला नारायणपुर में एक महत्त्वपूर्ण एवं निर्णायक उपलब्धि दर्ज हुई, जहाँ कुल 28 माओवादी कैडर — जिनमें ₹89 लाख के इनामी 19 महिला माओवादी भी शामिल हैं — ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

🔰 छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, बस्तर पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा बल—क्षेत्र में शांति स्थापित करने, पुनर्वास सुनिश्चित करने और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूर्णतः समर्पित हैं।

🔰 “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” — स्थायी शांति और सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम।

🔰 यह पुनर्वास जिला नारायणपुर के स्थानीय समाज एवं प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों के सतत, समन्वित और दृढ़ प्रयासों का परिणाम है।

🔰 “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति, बढ़ते विश्वास और व्यापक परिवर्तन का आधार बनती जा रही है।

🔷 आज जिला नारायणपुर में पुनर्वास हुए 28 माओवादी कैडरों में निम्न स्तरों के सदस्य शामिल हैं:
▪ Maad Division DVCM Member
▪ PLGA कंपनी नंबर 06 के मिलिट्री सदस्य
▪ एरिया कमेटी सदस्य (ACM)
▪ टेक्निकल टीम सदस्य
▪ मिलिट्री प्लाटून PPCM
▪ मिलिट्री प्लाटून सदस्य
▪ SZCM भास्कर की गार्ड टीम — पार्टी सदस्य (PM)
▪ सप्लाई टीम सदस्य (PM)
▪ एलओएस सदस्य (PM)
▪ जनताना सरकार के सदस्य

🔷 सभी 28 माओवादी कैडरों ने “मुख्यधारा में जुड़कर शांति और विकास का मार्ग अपनाने” का दृढ़ निर्णय लिया।





🔷 हथियारों के साथ पुनर्वास
▪ कुल 03 माओवादी कैडरों ने अपने पास रखे 03 हथियार (SLR, INSAS एवं .303 रायफल) सुरक्षा बलों को विधिवत रूप से सौंप दिए।
▪ यह हिंसा से दूरी बनाने और कानून व्यवस्था पर विश्वास का एक स्पष्ट और सकारात्मक संकेत है।

🔷 पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिन्सन गुड़िया ने जानकारी दी कि आज की कार्रवाई के बाद वर्ष 2025 में जिले में कुल 287 माओवादी कैडर हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। यह आँकड़ा बताता है कि क्षेत्र में विश्वास, शांति और विकास की प्रक्रिया लगातार गति पकड़ रही है।

➡️ बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पत्तिलिंगम ने कहा: “जिला नारायणपुर में 28 माओवादी कैडरों का पुनर्वास यह दर्शाता है कि हिंसक और जनविरोधी माओवादी विचारधारा का अंत अब निकट है। लोग ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल पर भरोसा जताते हुए शांति, गरिमा और स्थायी प्रगति का मार्ग चुन रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, बस्तर पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल—क्षेत्र में शांति स्थापित करने, पुनर्वास सुनिश्चित करने और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।”यह उल्लेखनीय है कि पिछले 50 दिनों में बस्तर रेंज में 512 से अधिक माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है।

➡️ IGP बस्तर ने यह भी कहा: “शेष माओवादी कैडर — जिनमें Politburo सदस्य देवजी, Central Committee सदस्य रामदर, DKSZC सदस्य पाप्पा राव, देवा (Barse Deva) तथा अन्य शामिल हैं — के पास हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

🟪 पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान नारायणपुर के स्थानीय समाज, श्री सुन्दरराज पत्तिलिंगम,बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, सुश्री प्रतिष्ठा ममगई, कलेक्टर नारायणपुर श्री रोबिनसन गुड़िया, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर, भाप्रसे सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, सीईओ जिला पंचायत नारायणपुर, श्री रोशन सिंह असवाल सेनानी 38वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री राजीव गुप्ता, सेनानी 43वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री संजय कुमार, सेनानी 53वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री संजय सिंह, सेनानी 129वीं वाहिनी बीएसएफ, श्री नवल सिंह, सेनानी 135वीं वाहिनी बीएसएफ, अति.पुलिस अधीक्षक भापुसे श्री अक्षय प्रमोद साबद्द्रा, अति.पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार नायक, सहित सैकड़ों की संख्या में समाज-प्रमुख, मीड़ियाकर्मी, पत्रकार, पुलिस अधिकारी और जवान उपस्थित रहे।







शुक्रवार, नवंबर 21, 2025

नक्सल मुक्त अबूझमाड़ की दिशा में एक साल के भीतर 19वां कैम्प ग्राम पदमेटा में, नारायणपुर पुलिस सड़क और मोबाईल नेटवर्क के माध्यम से लोगों को जोड़ रही है वैश्विक सोसाइटी से


नक्सल मुक्त अबूझमाड़ की दिशा में एक साल के भीतर 19वां कैम्प ग्राम पदमेटा में, नारायणपुर पुलिस सड़क और मोबाईल नेटवर्क के माध्यम से लोगों को जोड़ रही है वैश्विक सोसाइटी से

🔹 माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत ग्राम पदमेटा में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप।
🔹 नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी 44वीं बटालियन ने खोला पदमेटा में जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प।

🟪 वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित करते हुए सड़क पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांव तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

🟪 इसी कड़ी में थाना ओरछा के ग्राम पदमेटा क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं ओरछा -आदेर -लंका एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्यो में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से दिनांक 21-11-2025 को नारायणपुर पुलिस ने घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के आश्रय स्थल ग्राम पदमेटा में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम पदमेटा में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। नवीन कैम्प पदमेटा थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है तथा थाना ओरछा से 35किलोमीटर, आदेर से 30किलोमीटर, कुड़मेल से 15किलोमीटर, जाटलूर से 14किलोमीटेर और डोडीमरका से 6किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।




🟪 पदमेटा में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास क्षेत्र ताडवाडा, रासमेटा, मलंगा, हिपु, करंगुल, मुरूमवाडा और कुमनार में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।

🟪 नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित नक्सलियों के आश्रयस्थल कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका और पदमेटा में कैम्प खोली है।

🟪 श्री पी. सुन्दराज पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री अमित कांबले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर, श्री रोबिनसन गुरिया पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, आईटीबीपी 44वी वाहिनी कमांडेंट श्री मुकेश कुमार दसमाना, आईटीबीपी 44वी वाहिनी टू-आईसी श्री पीपी सिद्दकी, सेनानी श्री संदीप पटेल (16वी बटालियन सी.ए.एफ), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय सबद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार नायक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजय महादेवा, उप पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक केसरी, उप पुलिस अधीक्षक श्री मनोज मंडावी, उप पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश कंवर, उप पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप बंजारे और उप पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार सिंह के नेतृत्व एवं निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 27वी वाहिनी, 38वी वाहिनी, 40वी वाहिनी और 44वी वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मंगलवार, नवंबर 18, 2025

नक्सल मुक्त अबूझमाड़ की दिशा में एक साल के भीतर 18वां कैम्प ग्राम डोडीमरका में, नारायणपुर पुलिस सड़क और मोबाईल नेटवर्क के माध्यम से लोगों को जोड़ रही है वैश्विक सोसाइटी से


नक्सल मुक्त अबूझमाड़ की दिशा में एक साल के भीतर 18वां कैम्प ग्राम डोडीमरका में, नारायणपुर पुलिस सड़क और मोबाईल नेटवर्क के माध्यम से लोगों को जोड़ रही है वैश्विक सोसाइटी से

🔹 माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत ग्राम डोडीमरका में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप।
🔹 नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी 44वीं बटालियन ने खोला डोडीमरका में जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प।

🟪 वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित करते हुए सड़क पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांव तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

🟪 इसी कड़ी में थाना ओरछा के ग्राम डोडीमरका क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं ओरछा -आदेर - लंका एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्यो में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से आज दिनांक 18-11-2025 को नारायणपुर पुलिस ने घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के आश्रय स्थल ग्राम डोडीमरका में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम डोडीमरका में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। नवीन कैम्प डोडीमरका थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है तथा थाना ओरछा से 28 किलोमीटर, आदेर से 25 किलोमीटर, कुड़मेल से 15 किलोमीटर और और जाटलूर से 10 किलोमीटेर और धोबे से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

🟪 डोडीमरका में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।

🟪 नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित नक्सलियों के आश्रयस्थल कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे और डोडीमरका में कैम्प खोली है।

🟪 श्री पी. सुन्दराज पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री अमित कांबले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर, श्री रोबिनसन गुरिया पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, आईटीबीपी 44वी वाहिनी कमांडेंट श्री मुकेश कुमार दसमाना, श्री संदीप पटेल (सेनानी 16वी बटालियन सी.ए.एफ), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय सबद्रा, श्री अजय कुमार,श्री सुशील कुमार नायक, श्री संजय महादेवा, उप पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक केसरी, श्री मनोज मंडावी, श्री अविनाश कंवर, श्री कुलदीप बंजारे और श्री अजय कुमार सिंह के नेतृत्व एवं निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 27वी वाहिनी, 38वी वाहिनी, 40वी वाहिनी और 44वी वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

रविवार, नवंबर 16, 2025

पुलिस बल के आरक्षक संवर्ग चयन परीक्षा 2023-24 के अंतर्गत आरक्षक (चालक) एवं आरक्षक (ट्रेड) के अंतर्गत ट्रेड एक्जामिनेशन का होगा आयोजन


पुलिस बल के आरक्षक संवर्ग चयन परीक्षा 2023-24 के अंतर्गत आरक्षक (चालक) एवं आरक्षक (ट्रेड) के अंतर्गत ट्रेड एक्जामिनेशन का होगा आयोजन

भर्ती स्थल : पुलिस लाइन कोण्डागांव (चिखलपुटी)

पुलिस मुख्यालय अटल नगर नया रायपुर के आदेशानुसार छत्तीसगढ़ पुलिस बल के आरक्षक भर्ती परीक्षा वर्ष 2023-24 के अंतर्गत आरक्षक (चालक) एवं आरक्षक (ट्रेड )की अभ्यर्थीयो का ट्रेड टेस्ट दिनांक 17 /11/ 2025, 18/11/2025 एवं 19 / 11/2025 को आयोजित किया जाना है

पात्र समस्त अभ्यर्थी को सूचित किया जाता है कि आवश्यक दस्तावेज के साथ पुलिस लाइन कोण्डागांव, चिखलपुटी में समय पर अपनी उपस्थित दर्ज करावे।

नक्सल मुक्त अबूझमाड़ की दिशा में एक साल के भीतर 17वां कैम्प ग्राम धोबे में, नारायणपुर पुलिस सड़क और मोबाईल नेटवर्क के माध्यम से लोगों को जोड़ रही है वैश्विक सोसाइटी से


नक्सल मुक्त अबूझमाड़ की दिशा में एक साल के भीतर 17वां कैम्प ग्राम धोबे में, नारायणपुर पुलिस सड़क और मोबाईल नेटवर्क के माध्यम से लोगों को जोड़ रही है वैश्विक सोसाइटी से

🔹 माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत ग्राम धोबे में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप।
🔹 नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी 44वीं बटालियन ने खोला धोबे में जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प।

🟪 वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित करते हुए सड़क पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांव तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

🟪 इसी कड़ी में थाना ओरछा के ग्राम धोबे क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं ओरछा -आदेर - लंका एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्यो में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से आज दिनांक 15 -11-2025 को नारायणपुर पुलिस ने घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के आश्रय स्थल ग्राम धोबे में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम धोबे में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। नवीन कैम्प तोके थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है तथा थाना ओरछा से 23किलोमीटर, आदेर से 20 किलोमीटर, कुड़मेल से 10किलोमीटर और और जाटलूर से 5किलोमीटेर किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

🟪 धोबे में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।

🟪 नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित नक्सलियों के आश्रयस्थल कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर और धोबे में कैम्प खोली है।



🟪 श्री पी. सुन्दराज पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री अमित कांबले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर, श्री रोबिनसन गुरिया पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, आईटीबीपी 44वी वाहिनी कमांडेंट श्री मुकेश कुमार दसमाना, श्री संदीप पटेल (सेनानी 16वी बटालियन सी.ए.एफ), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय सबद्रा, श्री अजय कुमार,श्री सुशील कुमार नायक, श्री संजय महादेवा, उप पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक केसरी, श्री मनोज मंडावी, श्री अविनाश कंवर, श्री कुलदीप बंजारे और श्री अजय कुमार सिंह के नेतृत्व एवं निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 27वी वाहिनी, 38वी वाहिनी, 40वी वाहिनी और 44वी वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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